राजन् (पुं०) [राज्+कनिन्, रञ्जयति रञ्ज्+कनिन् नि० वा]
1. राजा, शासक, युवराज, सरदार या मुखिया (तत्पुरुष समास के अन्त में 'राजन्' का बदल कर 'राज' बन जाता है) वंगराजः, महाराजः आदि –तथैव सोऽभूदन्वर्थो राजा प्रकृतिरञ्जनात्–रघु० ४।१२
2. सैनिक जाति का पुरुष, क्षत्रिय –शि० १४।१४
3. युधिष्ठिर का नाम
4. इन्द्र का नाम
5. चन्द्रमा–भामि० १।१२६
6. यक्ष ।
समस्त पद
~अङ्गनम्
राजकीय कचहरी या दरबार, महल का आंगन,
~अधिकारिन्, ~अधिकृतः
1. राजकीय अधिकारी या अफ़सर
2. न्यायाधीश,
~अधिराजः, ~इन्द्रः
राजाओं का राजा, सर्वोपरि राजा, प्रमुख प्रभु, सम्राट्,
~अनक:
1. घटिया राजा, छोटा राणा,
2. एक प्रकार की उपाधि जो पहले पूजनीय विद्वानों और कवियों को दी जाती थी,
~अपसदः
अयोग्य या पतित राजा,
~अभिषेकः
राजा का राजतिलक,
~अर्हम्
अगर की लकड़ी, एक प्रकार की चन्दन की लकड़ी,
~अर्हणम्
राजकीय सम्मानसूचक उपहार,
~आज्ञा
राजा का अनुशासन, अध्यादेश, अथवा आदेश,
~आभरणम्
राजा का आभूषण,
~आवलिः, –ली
राजकीय वंशावली, राजवंशावली,
~उपकरणम्
(ब० व०) राजकीय साज–सामान, राजचिह्न,
~ऋषिः
(‘राज ऋषिः’ या ‘राजर्षिः’) राजकीय ऋषि, सन्तसमान राजा, क्षत्रिय जाति का पुरुष जिसने अपने पवित्र जीवन तथा साधनामय भक्ति से ऋषि का पद प्राप्त किया हो । जैसे पुरूरवा, जनक और विश्वामित्र,
~करः
राजा को दिया जाने वाला शुल्क
~कार्यम्
राज्य का कार्य,
~कुमारः
युवराज,
~कुल
1. राजकीय परिवार, राजा का कुटुम्ब
2. राजा का दरबार
3. न्यायालय (‘राजकुले कथ्’, या ‘निविद्’ (प्रेर०) न्यायालय में किसी के विरुद्ध अभियोग चलाना, या नालिश करना)
4. राजा का महल
5. राज, महाराज (बोलने की सम्मानसूचक रीति),
~गामिन्
(वि०) राज्याधीन या राजाधिकार में होने वाली सम्पत्ति आदि (जिस सम्पत्ति का कोई उत्तराधिकारी न हो),
~गृहम्
1. राजकीय निवास, राजा का महल
2, मगध के मुख्य नगर या राजधानी का नाम (जो पाटलिपुत्र से लगभग ७५ या ८० मील की दूरी पर स्थित है)
~चिह्नम
राजचिह्न, राजाधिकार या राजशक्ति,
~तालः, ~ताली
सुपारी का पेड़,
~दण्डः
1. राजा के हाथ का डंडा
2. राज शासन या राजाधिकार
3. राजाद्वारा दिया गया दण्ड,
~दन्तः
(दन्तानां राजा) आगे का दाँत – नै० ७।४६, दूत राजदूत, राजा का प्रतिनिधि,
~द्रोहः
राजा के विरुद्ध विश्वासघात, राजसत्ता के विरुद्ध आन्दोलन, राजविद्रोह,
~द्वार्(स्त्री०), ~द्वारम्
राजा के महल का मुख्य द्वार या फाटक,
~द्वारिकः
राजमहल का ड्योढीवान्,
~धर्मः
1. राजा का कर्तव्य
2. राजाओं से सम्बन्ध रखने वाला नियम या विधि (प्रायः ब० व० में)
~धानम्, ~धानिका, ~धानी
राजा का निवास स्थान, मुख्य नगर, राजधानी, शासन के कार्यालय स्थान,–रघु० २।२०,
~धुर्(स्त्री०), ~धुरा
शासन का उत्तर दायित्व या भार,
~नयः, ~नीतिः
(स्त्री०) राज्य का प्रशासन, सरकार का प्रशासन, राजनय राजनीतिज्ञता,
~नीलम्
पन्ना, मरकत मणि,
~पट्टः
घटिया हीरा,
~पथः, ~पद्धतिः
(स्त्री०)=राज–मार्ग दे०,
~पुत्रः
1. राजकुमार. युवराज
2. क्षत्रिय, सैनिक जाति का पुरुष
3. बुधग्रह.
~पुत्री
राजकुमारी,
~पुरुषः
1. राजा का सेवक
2. मन्त्री,
~प्रेष्यः
राजा का सेवक
(–यष्म्)
राजा की सेवा (अधिक शुद्ध
“राजप्रैष्य”)
~बीजिन्, ~वंश्य
(वि०) राजा की सन्तान, वंशज,
~भृतः
राजा का सिपाही,
~भृत्यः
१. राजा का सेवक या मंत्री
2. कोई सरकारी अधिकारी,
~भोगः
राजा का भोजन, खाना,
~भौतः
राजा का विदूषक या हंसोकड़ा,
~मात्रधरः, ~मन्त्रिन्
(पुं०) राजा का सलाहकार,
~मार्गः
1. मुख्य मार्ग, मुख्य सडक, राजकीय या मुख्य पथ, मुख्य रास्ता या प्रधान मार्ग
2. राजाओं की कार्य–विधि प्रणाली, या रीति,
~मुद्रा
राजा की मोहर,
~यक्ष्मन्
(पुं०) क्षयरोग, फुस्फुसीय क्षयरोग, तपेदिक,–राजयक्ष्मपरिहानिराययौ कामयानसमवस्थया तुलाम् –रघु० १९।२५, –रजयक्ष्मेव रोगाणां समूहः स महीभृताम्–शि० २।९६ (इस शब्द की व्याख्या के लिए दे० मल्लि० इस पर और शि० १३।२९ पर),
~यानम्
राजा की सवारी, पालकी,
~योगः
1. जन्म के समय ग्रहों और नक्षत्रों का ऐसा संरूपण जिससे उस व्यक्ति के राजा होने का संकेत मिले
2. धार्मिक चिन्तन का एक सरल योग (राजाओं द्वारा अभ्यास करने योग्य), जो हठ योग (दे०) जैसे और कठोर योगों से भिन्न है ,
~रङ्गम्
चाँदी,
~राजः
1. प्रमुख राजा, सर्वोपरि प्रभु, सम्राट्
2. कुबेर का नाम–अन्तर्बाष्पश्चिरमनुचरो राजराजस्य दध्यौ –मेघ०३
3. चन्द्रमा,
~रीतिः
(स्त्री०) कांसा, फूल,
~लक्षणम्
1. मनुष्य के शरीर पर कोई ऐसा चिह्न, जो उसकी भावी राजकीयता को प्रकट करे
2. राजकीय चिह्न, राजचिह्न, राजशक्ति,
~लक्ष्मीः, ~श्रीः
(स्त्री०) राजा का सौभाग्य या समृद्धि, (देवी का मूर्तरूप) राजा की कीर्ति या महिमा–रघु० २।७,
~वंशः
राजाओं का वंश,
~वंशावली
राजाओं की वंशावली, रोजाओं का वंशविवरण,
~विद्या
राजकीय नीति' राजा का कौशल, राज्य की नीति, राजनीति (तु० राजनय) इसी प्रकार 'राजशास्त्रम्',–
~विहारः
राजकीय शिक्षालय,
~शासनम्
राजा का अनुशासन,
~शृङ्गम्
सुनहरी डंडी का राजकीय छाता,
~संसद्
(स्त्री०) न्यायालय,
~सदनम्
महल,
~सर्षपः
काली सरसों,
~सायुज्यम्
प्रभुसत्ता,
~सारसः
मोर,
~सूयः, –यम्
एक बृहद यज्ञ जिसका अनुष्ठान चक्रवर्ती राजा (इसमें सहायक राजा लोग भी भाग लेते हैं) इसलिए करते हैं जिससे कि प्रकट हो कि उनका राजतिलक बिना किसी विरोध के सर्वसम्मति से हो रहा है–राजा वै राजसूयेनेष्ट्वा भवति–शत०, तु० 'सम्राट' से भी,
~स्कन्धः
घोड़ा,
~स्वम्
1. राजकीय संपत्ति
2. राजा को दिया जाने वाला शुल्क, मालगुजारी,
~हंसः
मराल (श्वेतरंग का हंस जिसकी चोंच और टांगें लाल हों) –संपत्स्यन्ते नभसि भवतो राजहंसाः सहायाः –मेघ० ११,
~हस्तिन्
(पुं०) राजकीय हाथी अर्थात् शाही तथा सुन्दर हाथी ।
राजन् [राज्+कनिन्]
सोम का पौधा–ऐन्द्रश्च विधिवद्दत्तो राजा चाभिषुतोऽनघः – रा० १।१४।६ ।
समस्त पद
~उपसेवा
राजा की सेवा करना,
~गुह्यम्
ऊँचे दर्जे का रहस्य,
~देयम् (भागम्)
राजकीय दावा,
~पट्टिका
(स्त्री०) चातकपक्षी,
~पिण्ड:
राजा से आजीविका,
~प्रसादः
राजा का अनुग्रह,
~महिषी
पटरानी,
~मार्तण्ड:
1. (संगीत०) एक प्रकार की माप
2. इस नाम का एक ग्रन्थ,
~राज्यम्
कुबेर का राज्य,
~लिङ्गम्
एक राजचिह्न,
~वर्चस्
शाही मर्यादा,
~वल्लभः
राजा का प्रिय व्यक्ति,
~वृत्तम्
राजा का आचरण,
~स्थानीयः
राजा का प्रतिनिधि, वाइसराय ।
परिशिष्ट