संस्कृत-शब्दकोशः

वर्च् वर्जन

वर्ज

वर्जः [वृज्+घञ्]


छोड़ देना, परित्याग ।


वर्जम् (अव्य०) निकाल कर, बाहर करके, सिवाय (समास के अन्त में) गौतमीवर्जग्गितरा निष्क्रांताः श०४, कु०७।७२।



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