शुल्वम् [शुल्व् +अच्, पृषो०]
1. सुतली, रस्सी, डोरी2. तांबा ।
शुल्वम् [शुल्व्+अच्]
1. रस्सी, डोरी2. तांबा3. यज्ञीय कर्म4. जल का सामीप्य, जल का निकटवर्ती स्थान5. नियम, कानून, विधिसार, ~ल्वा, ~ल्वी दे० ऊपर ।