संस्कृत-शब्दकोशः

ययावर ययी

ययि

ययिः (पुं०) [या+ई, कित्, धातोर्द्वित्वम्]


1.अश्वमेध या अन्य किसी यज्ञ के उपयुक्त घोड़ा–शि० १५।६९
2. घोड़ा ।



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