यवागू (स्त्री०) [यूयते मिश्र्यते–यु+आगू]
चावलों का मांड, चावलों के माड़ की कांजी, या जौ आदि किसी और अन्न की कांजी –यवागूर्विरलद्रवा–सुश्रु० मूत्राय कल्पते यवागू:–महा० ।