यागः [यज्+घञ्, कुत्वम्]
1. उपहार, यज्ञ, आहुति
2. कोई भी अनुष्ठान जिसमें आहुतियां दी जायं –रघु० ८।३० ।
यागः [यज्+घञ् , कुत्वम्]
1. यज्ञ , आहुति
2. उपस्थान, उपहार, प्रदान ।
समस्त पद
~कण्टक
1. बुरा यजमान
2. जो यज्ञ को बिगाड़ता है,
~संप्रदानम्
यज्ञीय पदार्थ को लेने वाला–पा० ४।२।२४ पर काशिका,
~सूत्रम्
यज्ञीय यज्ञोपवीत, जनेऊ ।
परिशिष्ट