याथार्थ्यम् [यथार्थ+ष्यञ्]
1. वास्तविक या सही प्रकृति, सचाई, सच्चा चरित्र–न सन्ति याथार्थ्यविदः पिनाकिन:–कु० ५।७७, रघु० १०।२४2. न्याय्यता, उपयुक्तता3. उद्देश्य की पूर्ति या निष्पन्नता ।