संस्कृत-शब्दकोशः

यूथी यूष

यूप

यूपः [यु+पक्, पृषो० दीर्घः]


1. यज्ञ की स्थूणा (यह प्रायः बाँस या खदिर वृक्ष की लकड़ी से बनाई जाती है) जिसके साथ बलि दिया जाने वाला पशु, मेध के समय बाँध दिया जाता है –अपेक्ष्यते साधुजने वैदिकी न श्मशान–शूलस्य न यूपसत्क्रिया –कु० ५।७३
2. विजय–स्मारक, विजयोपहार ।


यूपः [यु+पक्, पृषो० दीर्घः]


1. यज्ञीय स्थूणा (जो प्रायः बाँस या खैर की लकड़ी की होती है]


जिससे यज्ञीय पशु वाँध दिया जाता है
2. विजयस्तम्भ ।
समस्त पद
~कर्मन्यायः
वह नियम जिसके अनुसार विकृति से संबद्ध किसी विवरण का उत्कर्ष या अपकर्ष केवल उसी विवरण तक लागू रहेगा जिससे कि तदादितदन्त न्याय का उपयोग न हो सके–मै० सं० ५।१।२७ पर शा० भा० ।

परिशिष्ट



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