रत्निः (पुं०, स्त्री०) [ऋ+कत्निच्, यण्]
1. कोहनी2. कोहनी से मुट्ठी तक की दूरी, एक हाथ का परिमाण (पुं०) बन्द मुट्ठी (यह शब्द 'अरत्नि' का ही भ्रंश प्रतीत होता है) ।