रशना [अश्+युच्, रशादेशः]
1. रस्सी, डोरी
2. रास, लगाम
3. कटिबंध, कमरबंद, स्त्रियों की करधनी–रसतु रसनापि तव धनजघनमण्डले घोषयतु मन्मथनिदेशम्–गीत० १०, रघु० ७।१०, ८।५७, मेघ० ३५
4. जिह्वा–भामि० १।१११ ।
समस्त पद
~उपमा
उपमा अलंकार का एक भेद, यह उपमाओं की एक श्रृंखला है जिसमें पूर्व उपमेय, आगे चलकर उपमान बनता जाता है –दे० सा० द० ६६४ ।
रशना [अश्+युच्, रशादेशः]
1. रस्सी
2. लगाम
3. तगड़ी ।
समस्त पद
~पदम्
कूल्हा,
~ग्राहः
रथवान,
~मालिन्
सूर्य ।
परिशिष्ट