राधा [राध्नोति साधयति कार्याणि–राध्+अच्+टाप्]
1. समृद्धि, सफलता
2. प्रसिद्ध गोपिका जिस पर कृष्ण भगवान् का बड़ा अनुराग था (इसकी छद्मप्रीति को जयदेव ने अपने गीतगोविन्द की रचना द्वारा अमर कर दिया है)–तदिमं राधे गृहं प्रापय–गीत० १
3. अधिरथ की पत्नी तथा कर्ण की पालिका माता का नाम
4. विशाखा नाम का नक्षत्र
5. बिजली ।
राधा [राध्+अच्+टाप्]
1. वैशाख महीने की पूर्णिमा
2. भक्तिमत्ता ।
परिशिष्ट