संस्कृत-शब्दकोशः

राष्ट्रीय रासक

रास

रासः [रास्+घञ्]


1. होहल्ला, कोलाहल, शोरगुल
2. शब्द, ध्वनि
3. एक प्रकार का नाच जिसका अभ्यास, कृष्ण और गोपिकाएं करती थीं. विशेषतः वृन्दावन की गोपियाँ–उत्सृज्य रासे रसं गच्छन्तीम् –वेणी० १।२, रासे हरिमिह विहितविलासं स्मरति मनो मम कृत परिहासम् – गीत० २, १ भी ।
समस्त पद
~क्रीडा, ~मण्डलम्
क्रीडामूलक नाच, कृष्ण और वृन्दावन की गोपिकाओं का वर्तुलाकार नाच ।


रासः [रास्+घञ्]


1. कोलाहल
2. शोर
3. वक्ता
4. एक प्रकार का नृत्य
5. शृंखला
6. खेल, नाटक । समः
~केलिः
वर्तुलाकार नाच जिसमें कृष्ण और गोपिकाएँ सम्मिलित होती है ।

परिशिष्ट



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