संस्कृत-शब्दकोशः

रुजा रुण्ड

रुज्

रुज् (तुदा० पर० रुजति, रुग्ण)
1. तोड़ कर टुकड़े–टुकड़े करना, नष्ट करना–रघु० ९।६३,१२।७३, भट्टि० ४।४२
2. पीड़ा देना, क्षति पहुँचाना, अस्वस्थ करना, रोगग्रस्त करना–रावणस्येह रोक्ष्यन्ति कपयो भीमविक्रमाः–भट्टि० ८।१२०
3. झुकना ।


रुज् (स्त्री०) [रुज्+क्विप्]


1. भंग, अस्थिभंग
2. पीड़ा, संताप, यातना, वेदना–अनिशमपि मकरकेतुर्मनसो रुजमावहन्नभिमतो मे– श० ३।४, क्व रुजा हृदयप्रमाथिनी–मालवि० ३।२, चरणं रुजापरतिम्–४।३
3. बीमारी, व्याधि, रोग–रघु ४९।५२
4. थकावट, श्रम, प्रयत्न, कष्ट ।
समस्त पद
~प्रतिक्रिया
प्रतिकार या रोग की चिकित्सा, इलाज, चिकित्सा का व्यवसाय,
~भेषजम्
औषध,
~सद्मन्
(नपुं०) विष्ठा, मल ।



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