रूपम् [रूप्+क, भावे अच् वा]
1. शक्ल, आकृति, सूरत –विरूपं रूपवन्तं वा पुमानित्येव भुञ्जते–पंच० १।१४३, इसी प्रकार 'कुरूप' सुरूप'
2. रूप या रंग का प्रकार (वैशेषिकों के चौवीस गुणों में एक)–चक्षुर्मात्रग्राह्यजातिमान् गुणो रूपम्–तर्क० (यह छः प्रकार का है: –शुक्ल, कृष्ण, पीत, रक्त, हरित और कपिल, यदि 'चित्र' को जोड दिया जाय तो सात हो जाते है)
3. कोई भी दृश्य पदार्थ या वस्तु
4. मनोहर रूप या आकृति, सुन्दर सूरत, सौन्दर्य, लावण्य, लालित्य –मानुषीषु कथं वा स्यादस्य रूपस्य संभवः–श० १।२६, विद्या नाम नरस्य रूपमधिकम्–भर्तृ० २।२०, रूपं जरा हन्ति आदि
5. स्वाभाविक स्थिति या दशा, प्रकृति. गुण. लक्षण, मूलतत्त्व
6. ढंग, रीति
7. चिह्न, चेहरा-मोंहरा
8. प्रकार, भेद, जाति
9. प्रतिबिम्ब, प्रतिच्छाया
10. सादृश्य, समरूपता,
11. नमूना, प्रकार, बनत
12. किसी क्रिया या संज्ञा का व्युत्पन्न रूप, विभक्ति या लकार के चिह्न से युक्त रूप,
13. 'एक' की संख्या, गणित की एक इकाई
14. पूर्णांक
15. नाटक, खेल, दे० रूपक
16. किसी ग्रंथ को बार बार पढ़ कढ़ कर या कंठस्थ करके पारंगत होने की क्रिया
17. मवेशी
18. ध्वनि, शब्द, ('रूप का प्रयोग बहुधा समास के अन्त में होता है यदि निम्नांकित अर्थ हो–'बना हुआ' 'से युक्त' 'के रूप में' 'नामतः' 'सूरत शक्ल में'– तपोरूपं धनं धर्मरूप: सखा) ।
समस्त पद
~अधिबोधः
ज्ञानेन्द्रियों द्वारा किसी पदार्थ के रंग रूप का प्रत्यक्ष करना,
~अभिग्राहित
(वि०) काम करते हुए पकड़ा गया, मौके पर पकड़ा गया,
~आजीवा
वेश्या, रंडी, गणिका,
~आश्रयः
अत्यंत सुन्दर व्यक्ति,
~इन्द्रियम्
आँख, रंगरूप को प्रत्यक्ष करने वाली इन्द्रिय,
~उच्चयः
ललित रूपों का समूह –श० २।९,
~कारः, ~कृत्
(पुं०) मूर्तिकार, शिल्पी,
~तत्त्वम्
अन्तर्हित गुण, मूलतत्त्व,
~धर
(वि०) रूप धरे हुए, छद्मवेषी,
~नाशनः
उल्लू,
~लावण्यम्
रूप की उत्कृष्टता, चारुता,
~विपर्ययः
विरूपण, शारीरिक रूप में विकृत परिवर्तन,
~शालिन्
(वि०) सुन्दर,
~संपद्, ~संपत्तिः
(स्त्री०) रूप की उत्कृष्टता, सौन्दर्य की वृद्धि, सौन्दर्यातिरेक ।
रूपम् [रूप्+क, अच् वा]
1. सूरत, आकृति
2. रंग का भेद (काला, पीला आदि)
3. कोई भी दृश्य पदार्थ
4. नैसर्गिक स्थिति, प्राकृतिक दशा
5. सिक्का (जैसे कि रुपया) ।
समस्त पद
~उपजीवनम्
सुन्दर या मोहक रूप के द्वारा जीविका लाभ करना –महा० १२।२९४।५,
~ध्येयम्
सौन्दर्य, खूब सूरती
~परिकल्पना
रूप मरना, रूप धारण करना,
~भागापवाद:
किसी इकाई को भिन्नों में परिवर्तित करना,
~विभाग:
किसी पूर्णांक को भिन्न राशियों में विभक्त करना
~नृत्यम्
एक प्रकार का नाच ।
परिशिष्ट