लग्
i (भ्वा० पर० लगति, लग्न)
1. लग जाना, दृढ़ रहना, चिपकना, जुड़ जाना –श्यामाथ हंसस्य करा नवाप्तेर्मन्दाक्षलक्ष्या लगति स्म पश्चात् –नै० ३।८, गमनसमये कण्ठे लग्ना निरुध्य माम् –मा० ३।२
2. स्पर्श करना, संपर्क में आना –कर्णे लगति चान्यस्य प्राणैरन्यो वियुज्यते –पंच० १।३०५, यथा यथा लगति शीतवातः –मृच्छ०, ५।११
3. स्पर्श करना, प्रभावित करना. लक्ष्य स्थान तक जाना –विदितेङ्गिते हि पुर एव जने सपदीरिताः खलु लगन्ति गिरः –शि० ९।६९
4. मिल जाना, सम्मिलित होना, (रेखा आदि) काटना
5. ध्यानपूर्वक अनुसरण करना, अनुघटित होना, बाद में घटित होना,–अनावृष्टिः संपद्यते लग्ना –पंच० १
6. नियुक्त करना, अटकाना, (किसी को) धन्धे में लगाना –तत्र दिनानि कतिचिल्लगिष्यन्ति –पंच० ४, 'मुझे कुछ दिन वहाँ लग जायंगे',
अव–
जुड़ जाना, चिपक जाना –रघु० १६।६८,
आ–
जमे रहना,–काव्या० ३।५०
वि–
चिपकना, लग जाना, जुड़ जाना ।
ii (चुरा० उभ०–लागयति-ते)
1. स्वाद लेना
2. प्राप्त करना ।