संस्कृत-शब्दकोशः

लाक्षण्य लाक्षारस

लाक्षा

लाक्षा [लक्ष्यतेऽनया –लक्ष् +अच्, पृषो० वृद्धिः]


एक प्रकार का लाल रंग, महावर, लाख (प्राचीनकाल में यह स्त्रियों की एक प्रसाधन सामग्री थी, वे इससे अपने पैर के तलवे तथा ओष्ठ रंगती थी, 'तु० 'अलक्तक' । कहते हैं कि वीरबहूटी नामक कीड़े से अथवा किसी विशेष वृक्ष की राल से यह रंग तैयार किया जाता था) –निष्ठ्यूतश्चरणोपभोगसुलभो लाक्षारसः केनचित् (तरुणा) –श० ४।५, ऋतु० ६।१३, कि० ५।२३
2. 'वीरबहूटी' जिससे यह रंग बनता है ।
समस्त पद
~तरुः, ~वृक्षः
एक वृक्ष का नाम, पलास, ढाक
~प्रसादः, ~प्रसाधनः
लाल लोध्रवृक्ष,
~रक्त
(वि०) लाख से रंगा हुआ ।



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