लिपी [लिप्+ ङीप्]
1. लीपना, पोतना
2. लिखना, लिखावट
3. लिखित अक्षर, वर्ण, वर्णमाला–यवनाल्लिप्याम् –वा०, लिपेर्यथावद् ग्रहणेन, वाङ्मयं नदीमुखेनैव समद्रमाविशत् –रघु० ३।२८, ४६
4. लिखने की कला
5. (अक्षर, दस्तावेज़, या हस्तलेख आदि) लिखना –अयं दरिद्रो भवितेति वेधसीं लिपिं ललाटेऽर्थिजनस्य जाग्रतीम्–नै० १।१५, १३८
6. चित्रकला. रेखांकण ।
समस्त पद
~कर:
1. पलस्तर करने वाला, सफ़ेदी करने वाला, राज २. लेखक, लिपिक
3. उत्किरक (उभरा हुआ लिखने वाला नक्काशी करने वाला) (‘लिपिकर’ भी),
~कारः
लेखक, लिपिक,
~ज्ञ
(वि०) जो लिख सकता है,
~न्यासः
लिखने या नक़ल करने की कला,
~फलकम्
लिखने का पट्ट या तख्ता,
~शाला
वह स्कूल जहाँ लिखना सिखाया जाय,
~सज्जा
लिखने का सामान या उपकरण ।