वक्रिमन् (पुं०) [वक्र+इमनिच्]
1. कुटिलता, वक्रता,2. वाक्छल, टालमटोल, संदिग्धता, चक्कर, घुमाव, (वाणी की) परोक्षता,–तद्वत्क्राम्बुजसौरभं स च सुधास्यन्दी गिरां वक्रिमा – गीत०, ३3. धूर्तता, चालाकी, मक्कारी ।