वञ्च् (भ्वा० पर० वञ्चति)
1. जाना, पहुँचना –ववञ्चुश्चाहवक्षितिम्–भट्टि० १४।७४, ७।१०६
2. घूमना
3. चुपचाप चले जाना, खिसक जाना –प्रेर० (वंचयति-ते)
1. टालना, बचना, खिसकना, बिदकना –अहिं वञ्चयति, अवञ्चयत मायाश्च स्वमायाभिर्नरद्विषाम् –भट्टि० ८।४३
2. ठगना, धोखा देना, जालसाजी करना (आ० मानी जाती है, पर बहुधा पर० भी) –मूर्खास्त्वामववञ्चञ्त –भट्टि० १५।१५, कथमथ वञ्चयसे जनमनुगतमसमशरज्वरदूनम् –गीत० ८, (बन्धनं) वञ्चयन् प्ररवाप सः –रघु० १९।१७, कु० ४।१०, ५।४९, रघु० १२।५३
3. वंचित करना, दरिद्र करना –रघु० ७।८ ।