संस्कृत-शब्दकोशः

वध्र्य वनर

वन

वनम् [वन+अच्]


अरण्य, जंगल, वृक्षों का झुरमुट –एको वास: पत्तने वा वने वा –भर्तृ० ३।१२०, वनेऽपि दोषाः प्रभवन्ति रागिणाम्
2. गुल्म, झुण्ड, सघन क्यारी में उगे हुए कमल या अन्य पौधों का समुच्चय,–चित्रद्विपाः पद्मवनावतीर्णाः –रघु० १६।१६, ६।८६
3. आवासस्थल, निवासस्थान, घर
4. फौंवारा (पानी का) झरना
5. पानी –शि० ६।७३
6. लकड़ी, काष्ठ (समास) में प्रथमपद के रूप में इसका प्रयोग 'जंगली' 'वनैला' अर्थों में होता है –उदा० वनवराह, वनकदली, वनपुष्पम् आदि) ।
समस्त पद
~अग्निः
दावानल,
~अजः
जंगली बकरा,
~अन्तः
1. किसी जंगल की सीमा या दामन –रघु० २।५८
2. वन्यप्रदेश, जंगल –उत्तर० २।२५,
~अन्तरम्
1. दूसग जंगल
2. जंगल का भीतरी प्रदेश –विक्रम० ४।२६,
~अरिष्टा
जंगली हल्दी,
~अलक्तम्
लाल मिट्टी, गेरु या लाल खडिया,
~अलिका
सूरजमुखी,
~आखुः
खरगोश,
~आखुकः
एक प्रकार का लोबिया,
~आपगाः
जंगली नदी, अरण्यसरिता,
~आर्द्रका
जंगली अदरक,
~आश्रमः
जंगल में आवास, वानप्रस्थ–जीवन का तीसरा आश्रम,
~आश्रमिन्
(पुं०) वानप्रस्थी, संन्यासी, तपस्वी,
~आश्रयः
1. वनवासी
2. एक प्रकार का पहाड़ी कौवा,
~उत्साहः
गैंडा,
~उद्भवा
जंगली कपास का पौधा,
~उपप्लवः
दावानल,
~ओकस्
(पुं०)
1. वनवासी, जंगल में रहने वाला
2. संन्यासी, तपस्वी
3. जंगली जानवर, जैसे कि बन्दर, सूअर,
~कणा
वनपिप्पली,
~कदली
जंगली केला,
~करिन्(पुं०), ~कुञ्जरः, ~गजः
जंगली हाथी,
~कुक्कुटः
जंगली मुर्ग,
~खण्डम्
जंगल का एक भाग,
~गवः
जंगली बैल,
~गहनम्
झुरमुट, जंगल का सघन भाग,
गुप्तः
भेदिया, जासूस
~गुल्मः
जंगली झाड़ी,
~गोचर
(वि०) बार–बार जंगल में जाने वाला,
(–रः)
1. शिकारी
2. वनवासी
(–रम्)
वन, जंगल,
~चन्दनम्
1. देवदारु का वृक्ष
2. अगर की लकड़ी,
~चन्द्रिका, ~ज्योत्स्ना
एक प्रकार की चमेली,
~चम्पक:
जंगली चम्पा का पौधा,
~चर
(वि०) वनवासी, वन में विचरने वाला, वन देवता,
(–रः)
1. वनवासी, वन में रहने वाला, जंगली आदमी –उपतस्थुरास्थितविषादधियः शतयज्वनो वनचरा वसतिम् –कि० ६।२९, मेघ०१२
2. वन्य पशु
3. आठ पैरों वाला शरभ नाम का एक काल्पनिक जन्तु,
~चर्या
जंगल में घूमना या निवास,
~छाग:
1. जंगली बकरा
2. सूअर,
~ज:
1. हाथी
2. एक प्रकार का सुगन्धित घास
3. जंगली नींबू का पेड
(–जम्)
नीलकमल,
~जा
1. जंगली अदरक
2. जंगली कपास का पौधा
~जीविन्
वनवासी, जंगली आदमी,
~दः
बादल,
~दाहः
दावानल,
~देवता
वनदेवी, जंगल–परी, रघु० २।१२, ९।५२, श० ४।४, कु० ३।५२, ६।३९,
~द्रुमः
जंगली पेड़,
~धारा
वृक्षावलि, छायादार मार्ग,
~धेनुः
(स्त्री०) गाय, जंगली बैल की मादा,
~पांसुलः
शिकारी,
~पार्श्वम्
जंगल के आस पास का क्षेत्र, वनप्रदेश,
~पुष्पम्
जंगली फूल,
~पूरकः
जंगली नीबू का पेड़,
~प्रवेशः
तपस्विजीवन का आरम्भः,
~प्रस्थः
अधित्यका या पठार में स्थित जंगल,
~प्रियः
कोयल,
(–यम्)
दारचीनी का पेड़,
~बर्हिणः, ~वर्हिणः
जंगली मोर,
~भूः
जंगल की भूमि
~मक्षिका
गोमक्षी, डांस,
~मल्ली
जंगली चमेली,
~माला
जंगली फूलों की माला जैसी कि श्रीकृष्ण पहनते थे –रघु० ९।५१, इसका वर्णन है: –
“आजानुलम्बिनी माला सर्वर्तु कुसुमोज्ज्वला ।
मध्य स्थूलकदम्बाढ्या वनमालेति कीर्तिता ॥”
°धरः
श्रीकृष्ण का विशेषण,
~मालिन्
(पुं०) कृष्ण का एक विशेषण –धीरसमीरे यमुनातीरे वसति वने वनमाली –गीत० ५, तव विरहे वनमाली सखि सीदति –गीत० ५,
~मालिनी
द्वारका नगर का नामांतर,
~मुच्
(वि०) जल डालने वाला,–रघु० ९।२२, (पुं०)
~मूतः
बादल,
~मुद्गः
एक प्रकार की मूंग,
~मोचा
जंगली केला,
~रक्षकः
वन का रखवाला,
~राजः
सिंह,
~रुहम्
कमल का फूल,
~लक्ष्मीः
(स्त्री०)
1. जंगल का आभूषण या सौंदर्य
2. केला
~लता
जंगली बेल, लता – दूरीकृताः खलुगुणैरुद्यानलता वनलताभिः–श० १।१७,
~वह्निः, ~हुताशनः
दावानल,
~वासः
1. जंगल में रहना, वन में वास – श० ४।१०
2. जंगली या यायावरीय (घुमक्कड़) जीवन
3. वनवासी, वन में रहने वाला,
~वासनः
गंधबिलाव,
~वासिन्
(पुं०)
1. जंगल में रहने वाला, वनवासी
2. तपस्वी इसी प्रकार 'वनस्थायिन्',
~व्रीहिः
जंगली चावल,
~शोभनम्
कमल,
~श्वन्
(पुं०)
1. गीदड़
2. व्याघ्र
3. गंधबिलाव,
~संकटः
एक प्रकार की दाल, मसूर
~सद्, ~संवासिन्
(पुं०) वनवासी
~सरोजिनी
(स्त्री०.) जंगली कपास का पौधा,
~स्थः
1. हरिण
2. तपस्वी
~स्था
बरगद का पेड़,
~स्थली
जंगल, जंगल की भूमि,
~स्रज्
(स्त्री०) जंगली फूलों की माला ।


वनम् [वन्+अच्]


1. जंगल
2. वृक्षों का झुंड
3. घर
4. फव्वारा
5. जल
6. लकड़ी का पात्र
7. प्रकाश की किरण
8. पर्वत ।
समस्त पद
~आश
(वि०) केवल जल पीकर जीने वाला,
~उपल:
गोवर के उपल, गोहे,
~ओषधिः
जंगली जड़ी बूटी,
~भूषणी
कोयल,
~हासः
काश नाम का घास ।

परिशिष्ट



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