संस्कृत-शब्दकोशः

वर्ज्य वर्णक

वर्ण

वर्ण (चुरा० उभ० वर्णयति-ते, वर्णित)
1. रंग करना, रोगन करना, रंगना–यथा हि भरता वर्णेर्वर्णयन्त्यात्मनस्तनुम् –सुभा०
2. बयान करना, वर्णन करना, व्याख्या करना, लिखना, चित्रित करना, अंकित करना, निरूपण करना– वर्णितं जयदेवेन हरेरिदं प्रणतेन – गीत० ३, कि० ५।१०
3: प्रशंसा करना, स्तुति करना
4. फैलाना, विस्तृत करना
5. रोशनी करना,
उप–
बयान करना, वर्णन करना
निस्–
1. ध्यान से देखना, सावधानता पूर्वक अंकित करना
2. देखना, निहारना ।


वर्णः वर्ण् +घञ्]


1. रंग, रोगन–अतः शुद्धस्त्वमपि भविता वर्णमात्रेण कृष्णः–मेघ० ४९
2. रोगन, रंग, दे० वर्ण, (1),
3. रंग, रूप, सौन्दर्य, त्वय्यादातुं जलमवनते शार्ङ्गिणो वर्णचौरे–मेघ० ४६, रघु० ८।४२
4. मनुष्य श्रेणी, जनजाति या कबीला, जाति (मुख्य रूप से ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य तथा शूद्र वर्ण के लोग) वर्णानामानुपूर्व्येण–वार्ति० न कश्चिद्वर्णानामपथमपकृष्टोऽपि मजते–श० ५।१०, रघु० ५।१९ ७. श्रेणी, वंश, जनजाति, प्रकार, जाति जैसा कि 'सवर्णम् अक्षरम्' में
6.
(क) अक्षर, वर्ण, ध्वनि में वर्णविचारक्षमादृष्टि:– विक्रम० ५,
(ख) शब्द, मात्रा–सा० द० ९
7. ख्याति, कीर्ति, प्रसिद्धि, विश्रुति–राजा प्रजारंजनलब्धवर्ण:–रघु० ६।२१
8. प्रशंसा
9. वेशभूषा, सजावट
10. बाहरी छवि, रूप, आकृति
11. चादर, दुपट्टा
12. ढकने के लिए ढक्कन, चपनी
13. किसी विषय का क्रमगीत में, गीतक्रम –उपात्तवर्णे चरिते पिनाकिनः कू० ५।५६, 'गीतिख्यात' अर्थात् गान का विषय बना हुआ
14. हाथी की झूल
15. गुण, धर्म
16. धर्मानुष्ठान
17.अज्ञात राशि
~र्णम्
1. केसर, जाफरान
2. रंगदार उबटन या सुगन्धद्रव्य ।
समस्त पद
~अंका
लेखनी,
~अपसदः
जातिच्युत
~अपेत
(वि०) जातिशून्य, जातिच्युत, पतित
~अर्हः
एक प्रकार का लोबिया,
~आगमः
किसी अक्षर का जोड़ना भवेद्वर्णागमाद्धंस: –सिद्धा०,
~आत्मन्
(पुं०) शब्द,
~उदकम्
रंगीन पाची– रघु० १६७०,
~कूपिका
दवात,
~क्रमः
1. वर्ण व्यवस्था, रंगों का क्रम
2. वर्णमाला
~चारकः
चितेरा,
~ज्येष्ठः
ब्राह्मण,
~तूलिः, ~तूलिका, ~तूली
(स्त्री०) कूची, चितेरे का ब्रुश,
~द
(वि०) रंगसाज
(–दम्)
दारुहल्दी
~दात्री
हल्दी
~दूतः
पत्र,
~धर्मः
प्रत्येक जाति के विशिष्ट कर्तव्य,
~पातः
किसी अक्षर का लोप हो जाना,
~पुष्पम्
पारिजात का फूल,
~पुष्पकः
पारिजात,
~प्रकर्षः
रंग की श्रेष्ठता,
~प्रसादनम्
अगर की लकड़ी,
~मातृ
(स्त्री० लेखनी, पैंसिल, कूची,
~मातृका
सरस्वती,
~माला, ~राशिः
(स्त्री०) अक्षरों की यथाक्रमसूची, वर्णमाला,
~वर्तिः, ~वर्तिका
(स्त्री०) रंग भरने की तूलिका,
~विपर्ययः
वर्णो का उलट फेर(भवेत् ) सिंहो वर्ण विपर्ययात्–सिद्धा०,
~विलासिनी
हल्दी,
~विलोडकः
1. सेंध लगाकर घर में घुसने वाला
2. साहित्य चोर (शा० शब्दचोर),
~वृत्तम्
वर्णों की गणना के आधार पर विनियमित छन्द या वृत्त (विप० मात्रावृत्त),
~व्यवस्थितिः
(स्त्री०) वर्णव्यवस्था, वर्णविभाग,
~शिक्षा
वर्णमाला सिखलाना,
~श्रेष्ठः
ब्राह्मण,
~संयोगः
एक ही वर्ण के लोगों में विवाहसंबंध होना,
~संकरः
1. अन्तर्जातीय विवाह के कारण वर्णों का सम्मिश्रण
2. रंगों का मिश्रण –चित्रेषु वर्णसंकर:–का० (यहां, दोनों अर्थ अभिप्रेत है) शि० १४।३७,
~संघातः, ~समाम्नायः
वर्णमाला ।


वर्णः [वर्ण+अच्]


1. रंग
2. सूरत, शक्ल
3. मनुष्योंकी जाति
4. अक्षर, ध्वनि
5. शब्द, मात्रा
6. यश
7. प्रशंसा
8. चोंगा
9. गीतक्रम ।
समस्त पद
~अनुप्रासः
अक्षरों का अनुप्रास अलंकार,
~अन्तरम्
1. भिन्न जाति
2. स्थानापन्न अक्षर,
~अवकृष्ट:
शूद्र
~अवर
(वि०) जाति की दृष्टि से अधम, ओछा,
~तर्णकम्
ऊनी कालीन,
~परिचयः
संगीत में दक्षता,
~भेदिनी
मोटा अनाज, (बाजरा, कोदों),
~विक्रिया
1. अक्षरोंमें परिवर्तन
2. जाति में परिवर्तन ।

परिशिष्ट



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