वर्त्मन् (नपुं०) [वृत्+मनिन्]
1. रास्ता, सड़क, पथ, मार्ग पगडंडी–वर्त्म भानोस्त्यजाशु–मेग० ३९, पारसीकांस्ततो जेतुं प्रतस्थे स्थलवर्त्मना, 'स्थलमार्ग से' आकाशवर्त्मना 'आकाश के मार्ग से'
2. (आलं०) रीति, मार्ग, सर्वसम्मत तथा निर्धारित प्रचलन, प्रचलित रीति या आचरण क्रम–मम वर्त्मानुगच्छंति मनुष्याः पार्थ सर्वशः – भग० ३।२३,
“रेखामात्रमपि क्षुण्णादामनोर्वर्त्मनः परम् ।
न व्यतीयुः प्रजास्तस्य नियंतुर्नेमिवृत्तयः
वर्त्मन् (नपुं०) [वृत्+मनिन्]
1. पथ, मार्ग, रास्ता
2. कमरा, कक्ष
3. पलक
4. किनारा ।
समस्त पद
~आयासः
यात्रा के परिणामस्वरूप थकान ।
~पातनम्
ताक में रहना, ताड़ में रखना ।
परिशिष्ट