संस्कृत-शब्दकोशः

वर्वूर वर्षक

वर्ष

वर्ष (पुं०/नपुं०)[वृष् भावे घञ कर्तरि अच् वा]


1. वर्षा, बारिश, वृष्टि की बौछार विद्युत्स्तनितवर्षेषु – मनु० ४।१०३ मेघ० ३५
2. छिड़कना, उत्सरण, फेंकना, बौछार –सुरभि सुरविमुक्तम् पुष्पवर्ष पपात रघु० १२।१०२, इसी प्रकार शरवर्षः, शिलावर्षः, तथा लाजवर्ष: आदि
3. वीर्यपात
4. वर्ष, साल (प्रायः नपं०) इयन्ति वर्षाणि तया सहोग्रमभ्यस्यतीव व्रतमासिधारम्–रघु०१३।६७, न ववर्ष वर्षाणि द्वादश दक्षशताक्ष:–दश०, वर्षभोग्येण शापेन–मेघ० १
5. सष्टि का प्रभाग, महाद्वीप (इस प्रकार के प्रायः नौ महाद्वीप गिनाये गये हैं–1. कुरु
2. हिरण्मय
3. रम्यक
4. इलावृत
5. हरि
6. केतुमाला
7. भद्राश्व
8. किन्नर और
9. भारत) एतद्गूढगुरुभारभारत वर्षमद्य मम वर्तते वशे–शि० १४१५
6. भारतवर्ष, हिन्दुस्तान
7. बादल (हेमचन्द्र के अनुसार केवल पुं०) ।
समस्त पद
~अंशः, ~अंशकः, ~अंगः
महीना, मास,
~अंबु
(नपुं०) बारिश का पानी,
~अयुतम्
दस हजार वर्षे
~अर्चिस्
(पुं०) मंगलग्रह,
~अवसानम
शरद् ऋतु,
~अघोषः
मेंढक,
~आमदः
मोर,
~उपलः
ओला,
~करः
बादल
(–री)
झींगुर,
~कोशः,–षः
1. मास, महीना
2. ज्योतिषी,
~गिरिः, ~पर्वतः
'वर्ष–पहाड' अर्थात् वह पर्वतशृंखला जो सृष्टि के भिन्न भिन्न प्रभागों को एक दूसरे से पृथक् करती है,
~ज
(वि०) ('वर्षेज' भी) बरसात में उत्पन्न,
~धरः
1. बादल
2. हिजड़ा अन्तःपुर का रक्षक, खोजा–मालवि० ४, (इसी अर्थ में ‘वर्षधर्ष’ शब्द भी है),
~पूगः
वर्षों का समुच्चय,
~प्रतिबन्धः
सूखा, अनावृष्टि,
~प्रियः
चातक पक्षा पुर का रक्षक, खोजा,
~वृद्धिः
(स्त्री०) जन्मदिन,
~शतम्
शताब्दी, सौ वर्ष,
~सहस्त्रम्
एक हजार वर्ष ।


वर्षः [वृष्+घञ्]


1. वर्षा होना
2. छिड़काव
3. वर्ष (केवल नपुं० में)
4. महाद्वीप
5. बादल
6. दिन रा० ७।७३।५ पर टीका
7. वासस्थान ।
समस्त पद
~काल:
बरसात की ऋतु,
~गणः
वर्षों की लम्बी शृंखला,
~पदम्
पत्रा, कलेण्डर,
~रात्रः
बरसा का मौसम ।

परिशिष्ट



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