वर्षा [वष+अच्+टाप्]
(प्राय: स्त्री०, ब० व०)
1. बरसात, वर्षाऋतु, वर्षावायु –ग्रीष्मे पंचाग्निमध्यस्थो वर्षासु स्थण्डिलेशय:–याज्ञ० ३।५२, भट्टि० ७।१
2. बारिश, वृष्टि (इस अर्थ में एक वचन) । सः
~कालः
बरसात, वर्षाऋतु, इसी प्रकार ‘वर्षासमय’,
~कालीन
(वि०) वर्षा से उत्पन्न या संबंध रखने वाला
~भू
(पुं०)
1. मेंढक
2. एक कृषि विशेष, इन्द्रगोप,
~भूः, ~भ्वी
(स्त्री०) मेंढकी या छाट मंढक,
~रात्रः
1. बरसात की रात, बरसात ।
वर्षा [वर्ष+अच्+टाप्]
(स्त्रीलिंग ब० व० में प्रयुक्त) बरसात, वर्षा ऋतु ।
समस्त पद
~अघोषः
बड़ा मेंढक,
~भू
(पुं०)
1. मेंढक
2. इन्द्रवधू नामक कीड़ा वीरबहूटी,
~मदः
मोर ।
परिशिष्ट