संस्कृत-शब्दकोशः

वाकोवाक्य वागर

वाक्य

वाक्यम् [वच् +ण्यत्, चस्य कः]


1. वक्तृता, वचन, वक्तव्य, उक्ति, कथन शृण मे वाक्यम् 'मेरे वचन सुनो', वाक्ये न संतिष्ठते 'आज्ञा पालन नहीं करता है' –शि०२।२४
2. बात, उपवाक्य (किसी विचार का पूर्णोच्चारण)–वाक्यं स्याद्योग्यताकांक्षासत्तियुक्तः पदोच्चय:–सा० द० ६, श्रौत्यार्थी च भवेद्वाक्ये समासे तद्धिते तथा–काव्य १०
3. तर्क, अनुमान (तर्क में)
4 विधि, नियम, सूत्र ।
समस्त पद
~अर्थः
वाक्य का अर्थ,
°उपमा
दण्डी के अनुसार उपमा का एक भेद–दे० काव्या०२।४३,
~आलापः
वार्तालाप, बातचीत, प्रवचन,
~खंडनम्
किसी उक्ति या तर्क का निराकरण,
~पदीयम्
भर्तृहरि द्वारा रचित एक पुस्तक का नाम,
~पद्धतिः
(स्त्री०) वाक्य बनाने की रीति, वाक्यविन्यास, लेखनशैली,
~प्रबंधः
1. पूस्तक, सबद्ध रचना
2. वाक्य प्रवाह,
~प्रयोगः
बक्तृता को काम में लाना, भाषा का उपयोग,
~भेदः
भिन्न उक्ति, विभिन्न वक्तव्य मुद्रा० २,
~रचना, ~विन्यासः
वाक्य में शब्दों का क्रम, शब्द योजना, वाक्यरचनाविचार,
~शेषः
1. किसी बात का अवशिष्ट भाग, पूरा न किया गया या अपूर्ण वाक्य सदोषावकाश इव ते वाक्य शेषः विक्रम ३
2. न्यून पद वाक्य ।


वाक्यम् [वच्+ण्यत्, चस्य कः]


1. वक्तव्य
2. उक्ति
3. आदेश
4. सगाई ।
समस्त पद
~आडम्बरः
बड़े–बड़े शब्दों से युक्त भाषा,
~ग्रहः
जिह्वा में लकवे का होना,
~परिसमाप्तिः
(स्त्री०) वक्तव्य की संपूर्ति,
~विलेखः
लेखाधिकारी, हिसाब–किताब रखने वाला अधिकारी,
~सारथिः
अधिवक्ता, किसी की ओर से बोलने वाला ।

परिशिष्ट



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