संस्कृत-शब्दकोशः

वाधूल वाध्यबाधकता

वाध्

वाध् (भ्वा० आ० बाधते, बाधित]


1. तंग करना, उत्पीडित करना, सताना, अत्याचार करना, छेड़ना, कष्ट देना, दुःखी करना, परेशान करना, पीड़ा देना –ऊनं न सत्त्वेष्वधिको बबाधे रघु० २।१४, न तथा बाधते स्कन्धो यथा बाधति बाधते –सुभा०, मेघ० ५३, मनु० ९।२२९, १०।१२२, भट्टि० १४।४५
2. मुकाबला करना, विरोध करना, निष्फल करना, रोकना, रुकावट डालना, अवरोध करना, हस्तक्षेप करना कि० १।११, उत्तर० ५।१२
3. आक्रमण करना, हमला करना, धावा बोलना
4. अनुचित व्यवहार करना, अन्याय करना
5. चोट पहुँचाना, क्षति पहुँचाना
6. हांक कर दूर करना, पीछे ढकेलना, हटाना
7. स्थगित करना, एक ओर रखना, रद्द करना, तोड़ना, मिटाना (नियम आदि) –रघु० १७।५७,
अभि–
1. चोट पहुँचाना, क्षति पहुँचाना
2. दुःख देना, तंग करना, सताना,
आ–
दुःख देना, सताना, क्षति पहुँचाना,
परि–
कष्ट देना, पीडा पहुँचाना –श० ७।२५,
प्र–
1. कष्ट देना, सताना, तंग करना, चिढ़ाना, क्षति पहुँचाना –समुच्छ्रितानेव तरून् प्रबाधते (प्रभञ्जनः) हि० १, भट्टि० १२।२
2. हांक कर दूर हटाना, मिटाना, पार करना–कथं नु दैवं शक्येत पौरुषेण प्रबाधितुम्–महा०,
सम्–
कष्ट देना, सताना ।


वाध् दे० बाध्



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