वानरः [वानं वनसंबंधि फलादिकं राति गृह्णति – रा+क, वा विकल्पेन नरो वा]
बन्दर, लंगूर ।समस्त पद~अक्षः जंगली बकरा, ~आवातः लोध्र नामक वृक्ष ~इन्द्रः सुग्रीव या हनुमान, ~प्रियः खिरनी (क्षीरिन्) का पेड़ ।