वारः [वृ+घञ्]
1. आवरण, चादर
2. समुदाय, बड़ी संख्या – जैसा कि 'वारयुवति' में
3. ढेर, परिमाण
4. रेवड़, लहंडा शि०१८।५६
5. सप्ताह का एक दिन यथा बधवार, शनिवार
6. समय. बारी– शशकस्य वारः समायातः– पंच० १, रघु० १९।१८ अंग्रेजी के 'टाइम्ज' –Times शब्द की भांति बहुधा ब० व० में प्रयुक्त, ‘बहुवारान’ बहुत बार, ‘कतिवारान्’ कितनी बार
7. अवसर, मौका
8. दरवाजा, फाट
9. नदी का सामने का तट
10. शिव,
~रम्
1. मदिरा पात्र
2. जलौघ, जल का ढेर ।
समस्त पद
~अंगना, ~नारी, ~युवति(स्त्री०), ~योषित्(स्त्री०), ~वनिता, ~विलासिनी, ~सुन्दरी, ~स्त्री
गणिका, वाजारु स्त्री, वेश्या, पतुरिया, रण्डी–रत्न० १।२६, श्रृगार० १६,
~कीरः
1. पत्नी का भाई, साल, (त्रिका के अनुसार)
2. वडवाख्नि
3. कंघी
4.जूँ
5. युद्ध का घोड़ा (यह अर्थ मेदिनीकोश में दिये हुए है)
~बुषा, ~बूषा
केले का वृक्ष,
~मुख्या
प्रधान वेश्या
~वाणः, ~बाणः, –णम्
कवच, जिरहवख्तर–रघु ८।८४,
~वाणि:
1. बांसुरिया, मुरली बजाने वाला
2. वादित्र–कुशल
3. वर्ष
4. न्यायाधीश,
(–णिः)
वेश्या, ‘वाणी’ वेश्या,
~सेवा
1. वेश्यावृत्ति, रंडी का व्यवसाय
2. वेश्याओं का समुदाय ।