वास्तु (पुं०, नपं०) [वस्+तुण्]
1. घर बनाने की जगह, भवनभूखण्ड, जगह
2. घर, आवास, निवास भूमि,–रवेरविषये वास्तु किं न दीपः प्रकाशयेत्–सुभा० मनु० ३.८९।
समस्त पद
~यागः
घर की आधारशिल रखते समय किया जाने वाला यज्ञानुष्ठान ।
वास्तु (पुं०, नपुं०) [वस्+तुण्]
1. भवन बनाने के निमित्त नियत भूमिखण्ड
2. आवास
3. सभाभवन
समस्त पद
~कर्मन्
(नपुं०)
1. भवन निर्माण करना, भवन निर्माण का प्रारूप,
~ज्ञानम्
वास्तु कला, भवन निर्माण का प्रारूप या अभिकल्प,
~देवता
भवन की अधिष्ठात्री देवता,
~विद्या
स्थापत्य कला, भवननिर्माण विज्ञान,
~निधानम्
भवन संरचना, ।
परिशिष्ट