संस्कृत-शब्दकोशः

वास्पेय वाहक

वाह

वाह (वि०) [वह् +घञ्]


धारण करने वाला, ले जाने वाला (समास के अन्त में) जैसा कि अंबुवाह, और 'तोयवाह' में,
~हः
1. ले जाना, धारण करना
2. कुली
3. खींचने वाला जानवर, वोझा ढोने वाला जानवर
4. घोड़ा– रघु० ४।५६, ५।७३ १४।५२
5. साँड –०७।४९
6. भैंसा
7. गाड़ी, यान
8. भुजा
9. वायु हवा
10. एक मापविशेष जो दस कुंभ या चार भार के तुल्य होती है–वाहो भारचतुष्टयं ।
समस्त पद
~द्विषत्
(पुं०) भैसा,
~श्रेष्ठः
घोड़ा ।


वाहः [वह्+घञ्]


1. ले जाने वाला
2. कुली
3. भारवाहक
4. घोड़ा
5. बैल
6. भैंसा
7. सवारी ।
समस्त पद
~वारः
घुड़सवार,
~रिपुः
भैंसा,
~वाहः
रथवान्, रथ को हाँकने वाला–स्ववाहवाहोचितवेषपेशल: –नै० १।६६,
~वाहनम्
चप्पू – रा० २ ।५२ ।६, वाहम् (पुं०) अग्नि ।

परिशिष्ट



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