विकारिन् (वि०) [वि+कृ+णिनि]
परिवर्तनशील, संवेग तथा अन्य संस्कारों को ग्रहण करने वाला, भ्रमति भवने कंदर्पाज्ञा विकारि च यौवनम्–मा० १।७ ।