विकृतिः (स्त्री०) [वि+कृ+क्तिन्]
(अभिप्राय, मन, रूप आदि का) बदलना–चित्तविकृतिः, अंगुलीयकं सुवर्णस्य विकृति:
2. अस्वाभाविक, अचानक घटित होने वाली परिस्थिति, दुर्घटना–मरणं प्रकृतिः शरीरिणां विकृतिर्जीवितमुच्यते बुधैः रघु० ८।८७
3. बीमारी
4. उत्तेजना, उद्वेग, क्रोध, रोष –कि० १३।५६, शि० १५।११, ४०, दे० 'विकार' और 'विक्रिया' भी ।
विकृतिः [वि+कृ+क्तिन्]
1. शत्रुता
2. आभास
3. गर्भस्राव
4. व्युत्पन्न (व्या० में) ।
परिशिष्ट