विक्रम देखो कालिदास ।
विक्रमः [वि+क्रम् + घञ्, अच् वा]
1. कदम, डग, पग श० ७।६, तु० त्रिविक्रम
2. कदम रखना, चलना
3. पकड लेना, प्रभाव डाल लेना
4. वीरता शौर्य, नायक की बहादुरी,– अनुत्सेकः खलु विक्रमालंकारः–विक्रम० १, रघ०१२।८७, ९३
5. उज्जयिनी के एक प्रसिद्ध राजा का नाम – दे० परि० २
6. विष्णु का नाम ।
समस्त पद
~अर्कः, ~आदित्यः
दे० विक्रम,
~कर्मन्
(नपुं०) शूरवीरता का कार्य, पराक्रम के करतब ।
विक्रमः [विक्रम्+घञ्]
1. गुरु स्वर, उदात्त स्वराघात
2. जन्म कुण्डली में लग्न से तीसरा घर ।
परिशिष्ट