संस्कृत-शब्दकोशः

विदून विदूर संश्रव

विदूर

विदूर (वि०) [विशेषण दूरः प्रा० स०]


जो बहुत दूर हो, दूरस्थित–सरिद्विदूरांतरभावतन्वी–रघु० १३।४८,
~रः
पहाड़ का नाम जहां से वैदूर्यमणि निकलती हैविदूरभूमिर्नवमेघशब्दादुद्भिन्नया रत्नशलाकयेव–कु० १।२४, दे० इस पर तथा शि० ३।४५ पर मल्लि० ‘विदूरम्’, ‘विदूरेण’, ‘विदूरतः’, ‘विदूरात्’ शब्द क्रिया विशेषण के रूप में प्रयुक्त होकर 'दूर से' 'दूरी पर 'दूर' अर्थ को प्रकट करते हैं ।
समस्त पद
~ग
(वि०) दूर दूर तक फैला हुआ,
~जम्
वैदूर्य मणि ।



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