संस्कृत-शब्दकोशः

विदूर संश्रव विदूषण

विदूषक

विदूषक (वि०) (स्त्री० –‘की’) [विदूषयति स्वं परं वा–वि +दूष्+णिच्+ण्वुल्]


1. दूषित करने वाला, मलिन करने वाला, छूत फैलाने वाला, भ्रष्ट करने वाला
2. बदनाम करने वाला, गाली–गलौज बकने वाला
3. रसिक, मसखरा, ठिठोलिया,
~क:
1. हंसोड़, भांड, परिहासक
2. विशेषतः नाटक में नायक का दिल्लगीबाज साथी और अन्तरंग मित्र जो अपनी अनोखी वेशभूषा बातचीत, हावभाव, मुखमुद्रा आदि से तथा अपने आपको परिहास का पात्र बना कर उल्लास में वृद्धि करता है, सा० द० ७९ पर दी गई परिभाषा –कुसुमवसंताद्यभिधः कर्मवपुर्वेशभाषाद्यैः हास्यकरः कलहरतिर्विदूषक: स्यात्स्वकर्मज्ञः
3. स्वेच्छाचारी, लंपट ।



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