विरुज्
विरुद
विरुत
विरुत (भू० क० कृ०) [वि+रु+क्त]
1. चीखा हुआ, चिल्लाया हुआ
2. गुंजायमान, चीत्कारपूर्ण,
~तम्
1. चिल्लाना, चीखना, दहाड़ना आदि
2. चिल्लाहट, ध्वनि, शोर, कोलाहल, घोष
3. गाना, भिनभिनाना, कूजना, गुंजारना–परभृतविरुतं कलं यथा प्रतिवच नीकृतमेभिरीदृशम् – श० ४।९।