विलक्ष (वि०) [विलक्ष्+अच्]
1. जिसके कोई विशेष लक्षण या चिह्न न हो
2. व्याकुल, विह्वल
3. आश्चर्यान्वित, अचंभे में पड़ा हुआ
4. लज्जित, शर्मिंदा, अशान्त –गोत्रेषु स्खलितस्तदा भवति च ब्रीडाविलक्षश्चिरम् – श० ६।५, अनोखा, अनूठा ।
विलक्ष (वि.) [प्रा० व०]
1. जिसका कोई विशेष चिह्न या लक्ष्य न हो
2. (पीर) जिसका निशाना चूक गया हो ।
परिशिष्ट