संस्कृत-शब्दकोशः

विषण्ड विषतन्त्र

विषण्ण

विषण्ण (भू० क० कृ०) [वि+सद्+क्त]


खिन्न, मुंह लटकाये हुए, उदास, दुःखी, निरुत्साह, हताश ।
समस्त पद
~मुख, ~वदन
(वि०) उदास दिखाई देने वाला,
~रूप
(वि०) उदासी की अवस्था में पड़ा हुआ ।



Correction: