विषयः [विषिण्वन्ति स्वात्मकतया विषयिणं संबध्नन्ति वि+सि+अच्, षत्वम्]
ज्ञानेन्द्रियों द्वारा प्राप्त पदार्थ (यह पाँचों ज्ञानेन्द्रियों के अनुरूप गिनती में पाँच है – रूप, रस, गंध, स्पर्श और शब्द जिनका संबंध क्रमशः आँख, जिह्वा, नाक, त्वचा और कान से है),–श्रुतिविषयगुणा या स्थिता व्याप्य विश्वम् – श० १।१
2. लौकिक पदार्थ, या वस्तु, मामला, लेन–देन
3. ज्ञानेन्द्रियों द्वारा प्राप्त आनन्द, लौकिक या मैथुनसंबन्धी उपभोग, वासनात्मक पदार्थ (प्रायः व० व० में), –यौवने विषयैषिणाम –रघु० १।८, निर्विष्ट विषयस्नेहः–१२।१, ३।७०, ८।१०, १९।४९, विक्रम० १।९, भग० २।५९
4. पदार्थ, वस्तु, मामला, बात–नार्यो न जग्मुर्विषयांतराणि –रघु० ७।१२, ८।८९
5. उद्दिष्ट पदार्थ या वस्तु, चिह्न, निशान –भूयिष्ठमन्यविषया न तु दृष्टिरस्याः –श० १।३१, शि० ९।४०
6. कार्यक्षेत्र, परास, पहुँच, परिधि –सौमित्रेरपि पत्रिणामविषये तत्र प्रिये क्वासि भोः –उत्तर० ३।४५, सकलवचनानामविषयः–मा० १।३०, ३६, उत्तर० ५।१९, कु० ६।१७
7. क्षेत्र, प्रान्त, भूमि, तत्त्व –सर्वत्रौदरिकस्याभ्यवहार्यमेव विषयः –विक्रम० ३
8. विषयवस्तु, आलोच्य विषय, प्रसंग, –भामि० १।१०, इसी प्रकार 'शृङ्गारविषयको ग्रन्थः' ऐसी पुस्तक जिसमें प्रीतिविषयक बातों का उल्लेख हो
9. व्याख्येय प्रसंग या विषय, शीर्षक, अधिकरण के पांचों अंगों में से पहला
10. स्थान, जगह –परिसरविषयेषु लोढमुक्ताः –कि० ५।३५
11. देश, राष्ट्र, राज्य, प्रदेश, मंडल, साम्राज्य
12. शरण, आश्रय
13. ग्रामों का समूह
14. प्रेमी, पति
15. वीर्य, शुक्र
16. धार्मिक अनुष्ठान (विषय की बाबत, के विषय में, के संबंध में, इस मामले में के बारे में, बाबत –या तत्रास्ते यवतिविषये सृष्टिराद्येव धातु:– मेघ० ८२. स्त्रीणां विषये, धनविषये आदि) ।
समस्त पद
~अभिरतिः
1. सांसारिक विषय वासनाओं में आसक्ति –कि० ६।४४, इसी प्रकार
~अभिलाष:
–कि० ३।१३
~आत्मक
(वि०) सांसारिक पदार्थों से युक्त,
~आसक्त, ~निरत
(वि०) विषयवासनाओं में लिप्त, विषयी, विलासी, इन्द्रियासक्त,
~आसक्ति, ~उपसेवा, ~निरतिः(स्त्री०), ~प्रसंगः
भोगविलास, कामासक्ति,
~ग्रामः
उन पदार्थों का समूह जो ज्ञानेन्द्रियों द्वारा जाने जाते हैं,
~सुखम्
इन्द्रियासक्ति, विषयोपभोग ।
विषयः [वि+सि+अच्, षत्वम्]
1. ज्ञानेन्द्रियों द्वारा गृहीत होने वाला पदार्थ
2. भौतिक पदार्थ
3. इन्द्रियजन्य आनन्द ।
समस्त पद
~निह्नुति:
किसी बात को मुकर जाना,
~पराङमुखः
भौतिक विषय सुखों से विमुख ।
परिशिष्ट