विष्णुः [विष् + नुक्]
देवत्रयी में दूसरा, जिसको संसार का पालनपोषण सौंपा गया है, (इस कर्तव्य को भिन्न भिन्न अवतार धारण करके संपन्न किया जाता है, अवतारों के विवरण के लिए दे० अवतार) इस शब्द की व्युत्पत्ति इस प्रकार की गई है – यस्माद्विश्वमिदं सर्वं तस्य शक्त्या महात्मनः, तस्मादेवोच्यते विष्णुर्विश्धातोः प्रवेशनात् –2. अग्नि
3. पुण्यात्मा
4. विष्णुस्मृति के प्रणेता ।
समस्त पद
~कांची
एक नगर का नाम,
~क्रमः
विष्णु के पग,
~गुप्तः
चाणक्य का नाम,
~तैलम्
एक प्रकार का औषधियों से बनाया गया तेल,
~दैवत्या
प्रत्येक पक्ष (चान्द्रमास के) की एकादशी और द्वादशी,
~पदम्
1. आकाश, अन्तरिक्ष
2. क्षीरसागर
3. कमल,
~पदी
गंगा का विशेषण,
~पुराणम्
अठारह पुराणों में से एक पुराण,
~प्रीतिः
(स्त्री०) विष्णुपूजा को स्थापित रखने के लिये ब्राह्मणो को अनुदान के रूप में दी गई शुल्क से मुक्त भूमि,
~रथः
गरुड का विशेषण
~रिंगी
बटेर, लवा,
~लोकः
विष्णु का संसार,
~वल्लभा
1. लक्ष्मी का विशेषण
2. तुलसी का पौधा,
~वाहनः, ~वाह्यः
गरुड के विशेषण ।
विष्णुः [विष्+नुक्]
1. त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु और महेश) में दूसरा
2. अग्नि
3. पावन पुरुष
4. स्मृतिकार
5. एक वसु
6. श्रवण नक्षत्रपुंज (इसका अधिप्ठात्री देवता विष्णु है)
7. चैत्र का महीना ।
समस्त पद
~कान्ता
विभिन्न पौधों के नाम,
~दत्तः
परीक्षितराजा का नाम,
~धर्मोत्तरपुराणम्
एक उपपुराण का नाम,
~प्रिया
1. तुलसी का पौधा
2. लक्ष्मी का नाम
~लिङ्गी
बटेर ।
परिशिष्ट