विस्फूर्जथुः [वि+स्फूर्ज् +अथुच्]
1. दहाड़ना, गरजना, कड़कना
2. बादल की गरज, विजली की कड़क
3. विजली जैसी कड़क, अकस्मात् आभास या आघात –ममैव जन्मांतरपातकानां विपाकविस्फूर्जथुरप्रसह्यः –रघु० १४।६२
4. (लहरों का) आन्दोलित होना, लहरों का उठना –महोर्मिविस्फूर्जथुर्निविशेषाः –रघु० १३।१२ ।