वृत्त (भू० क० कृ०) [वृत्+क्त]
1. जीवित, विद्यमान
2. घटित, संभूत
3. सम्पूरित, समाप्त
4. अनुष्ठित, कृत, किया गया
5. गुजरा हुआ, बीता हुआ
6. गोल, वर्तुलाकार –रघु० ६।३२
7. मृत, स्वर्गगत
8. दृढ़, स्थिर
9. पठित, अधीत
10. व्युत्पन्न
11. प्रसिद्ध (दे० वृत्),
~त्तः
कछुवा,
~त्तम्
1. बात, घटना
2. इतिहास, वर्णन –रघु० १५।६४
3. समाचार, खबर
4. प्रवर्तन, पेशा, जीवनवृत्ति, व्यवसाय –सतां वृत्तमनुष्ठिता: –मनु० १०।१२७, (पाठांतर) ७।१२२, याज्ञ० ३।४४
5. आचरण, व्यवहार, रीति, कर्म, कृत्य, जैसा कि सद्वृत्त या दुर्वृत्त में
6. साधु या सत्य आचरण –पंच० ४।२८
7. माना हुआ नियम, प्रचलन या कानून, प्रथा, इस प्रकार के नियम या प्रचलन का पालन करना, कर्तव्य, –रघु० ५।३३
8. गोल घेरा, वृत्त की परिधि
9. छन्द, विशेषकर मात्राओं की गणना के आधार पर विनियमित (विप० जाति) दे० परि० १।
समस्त पद
~अनुपूर्व
(वि०) गोल शुंडाकार,–कु० १।३५,
~अनुसारः
1. विहित नियमों की अनुरूपता
2. छन्द की अनुरूपता,
~अन्तः
1. अवसर, घटना, बात –अनेनारण्यकवृत्तान्तेन पर्याकुलाः स्मः –श० १, रघु० ३।६६, उत्तर० २।१७
2. समाचार, खबर, गुप्तवार्ता –को न खलु वृत्तान्तः –विक्रम० ४, रघु० १४।८७
3. वर्णन, इतिहास, कथा, आख्यान, कहानी
4. बिषय, प्रकरण
5. प्रकार, क़िस्म
6. ढंग, रीति
7. अवस्था, दशा
8. कुलयोग, समष्टि
9. विश्राम, अवकाश
10. गुण, प्रकृति,
~इर्वारुः, ~कर्कटी
तरबूज, सरदा,
~गन्धि
(नपुं०) एक प्रकार का गद्य जो पढ़ने में पद्य जैसा आनन्द दे,
~चूड, ~चौल
(वि०) मुंडित, जिसका मुंडन संस्कार हो चुका हो –उत्तर० २,
~पुष्पः
1. बेत, बानोर
2. सिरस का पेड़
3. कदम्ब का पेड़,
~फल:
1. बेर, उन्नाव का पेड़
2. अनार का पेड़,
~शस्त्र
(वि०) जिसने शस्त्र विज्ञान में पांडित्य प्राप्त कर लिया है –भट्टि० ९।१९ ।
वृत्तम् [वृत्+क्त]
1. रूपान्तरण
2. अधिचक्र ।
परिशिष्ट