वैदूर्य (वि०) (स्त्री० –‘री’, –‘र्यी’) [विदूर+ष्यञ्]
विदूर से उत्पन्न या लाया गया, ~र्यम् वैदूर्य मणि, नीलम –कु० ७।१०, शि० ३।४५ ।