व्यत्यय
व्यत्यास
व्यत्यस्त
व्यत्यस्त (भू० क० कृ०) [वि+अति+अस्+क्त]
1. व्युत्क्रांत, विपर्यस्त
2. विपरीत, विरोधी
3. असंगत –व्यत्यस्तं लपति –भामि० २।८४
4. विरेखित, इस प्रकार रक्खी हुई (दो वस्तुएँ) जिसमें एक दूसरी को काटती हो –व्यत्यस्त पादः, व्यत्यस्त भुजः आदि ।