व्यापिन् (वि०) [वि+आप्+णिनि]
1. व्याप्त होने वाला, अपूर्ण करने वाला, अधिकार करने वाला (समास के अन्त में)2. सर्वव्यापक, सहविस्तृत, नितान्त सहवर्ती3. आवरक (पुं०) विष्णु का विशेषण ।