संस्कृत-शब्दकोशः

व्योकार व्योमरत्न

व्योमन्

व्योमन् (नपुं०) [व्ये+मनिन्, पृषो०]


आकाश, अन्तरिक्ष –अस्त्वेवं जडधामता तु भवतो यद् व्योम्नि विस्फूर्जसे –काव्य० १०, मेघ० ५१, रघु० १२।६७, नै० २२।५४
2. जल
3. सूर्य का मन्दिर
4. अभ्रक ।
समस्त पद
~उदकम्
बारिश का पानी, ओस,
~केशः, ~केशिन्
(पुं०) शिव का विशेषण,
~गंगा
स्वर्गीय गंगा,
~चारिन्
(पुं०)
1. देव
2. पक्षी
3. सन्त, महात्मा
4. ब्राह्मण २. तारा, नक्षत्र,
~धूमः
बादल,
~नाशिका
एक प्रकार का बटेर, लवा,
~मंजरम्, ~मंडलन्
झंडा, पताका
~मुद्गरः
हवा का झोंका,
~यानम्
दिव्यसवारी आकाशयान,
~शद्
(पुं०)
1. देव, सुर
2. गन्धर्व
3. भूत-प्रेत,
~स्थली
पृथ्वी,
~स्पृश्
(वि०) गगनचुंबी अत्यन्त ऊँचा ।



Correction: