व्रीहिः [व्री+हि, किच्च]
1. चावल, जैसा कि ‘बहुव्रीहि’ में2. चावल का दाना ।समस्त पद~अगारम् धान्यागार, खत्ती, ~काञ्चनम् मसूर की दाल, ~राजिकम् चना, कंगू या कांगनी चावल ।