शठ (वि०) [शठ् अच्]
1.चालक, धोखेबाज, जालसाज, बेईमान, कपटी
2. दुष्ट, दुर्वृत्त,
~ठः
1. बदमाश, ठग, धूर्त, मक्कार –मनु० ४।३०, भग० १८।२८
2. झूठा या धोखेबाज प्रेमी (जो एक स्त्री के प्रति प्रेम प्रदर्शित करता है परन्तु मन किसी दूसरी स्त्री में रमाया रहता है) –ध्रुवमस्मि शठः शुचिस्मिते विदितः कैतववत्सलस्तव –रघु० ८।४९, १९।३१, मालवि० ३।१९, सा० द० 'शठ' की इस प्रकार परिभाषा देता है –शठोऽयमेकत्र बद्धभावो यः दर्शितबहिरनुरागो विप्रियमन्यत्र गूढमाचरति –७४
3. मूढ, बुद्धू
4. मध्यस्थ, बिवाचक
5. धतूरे का पौधा
6. आलसी पुरुष, सुस्त व्यक्ति,
~ठम्
1. लोहा
2. केसर, जाफरान ।