शण्ढः [शाम्यति ग्राम्यधर्मात् –शम्+ढ]
1. हिजड़ा, नपुंसक2. अन्तःपुर में रहने वाला टहलुआ, पुरुषसेवक (हिजड़ों या बधिया किये गये पुरुषों में से चुना हुआ)3. साँड़4. छोड़ा हुआ साँड़5. पागल आदमी ।