शद्
i (भ्वा० पर० (परन्तु सार्वधातुक लकारों में आ०) –शीयते, शन्न)
1. पतन होना, नष्ट होना, मुर्झाना, कुम्हलाना
2. जाना–प्रेर० (शादयति-ते)
1. पहुँचाना, ठेलना
2. शातयति-ते
(क) गिराना, नीचे फेंक देना, काट डालना शि० १४।८०, १५।२४
(ख) वध करना, नष्ट करना ।
ii (भ्वा० पर० शदति) जाना (प्राय: 'आ' पूर्वक) ।